भारत में कोई एक "स्क्रैप क़ानून" नहीं है। इंडस्ट्रियल स्क्रैप बेचने या खरीदने वाला व्यवसाय टैक्स क़ानून, पर्यावरण नियम, विदेश व्यापार नीति, नाप-तौल क़ानून, प्रदूषण नियंत्रण, कार्यस्थल सुरक्षा और आपराधिक क़ानून – सबके दायरे में आता है। यह गाइड मुख्य नियमों का नक्शा देती है ताकि फैक्ट्रियाँ, ठेकेदार, ट्रेडर, मिलें और रीसाइक्लर जानें कि कौन-से दायित्व कब लागू हैं और कब अपने CA, वकील या पर्यावरण सलाहकार से बात करनी है।
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। नियम अक्सर बदलते हैं और राज्यों में अलग हैं। कदम उठाने से पहले योग्य पेशेवरों और संबंधित विभाग से पुष्टि करें।
1. स्क्रैप बिक्री पर GST
GST में स्क्रैप "माल" है और व्यापार में इसकी बिक्री कर-योग्य है। ज़्यादातर मेटल स्क्रैप पर 18% GST है, HSN कोड के अनुसार (जैसे फेरस के लिए 7204, तांबा व कॉपर अलॉय के लिए 7404, एल्युमिनियम के लिए 7602)।
10 अक्टूबर 2024 से दो बदलाव लागू हुए:
- रिवर्स चार्ज: अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा पंजीकृत व्यक्ति को मेटल स्क्रैप (अध्याय 72–81) सप्लाई पर GST पंजीकृत खरीदार रिवर्स चार्ज में भरता है और सेल्फ़-इनवॉइस बनाता है।
- GST TDS: पंजीकृत खरीदार पंजीकृत सप्लायर से मेटल स्क्रैप पर, अनुबंध मूल्य तय सीमा (₹2.5 लाख) से ज़्यादा होने पर, 2% GST TDS काटते हैं; विक्रेता को कैश लेजर में क्रेडिट मिलता है।
व्यवहार में: विक्रेता सही HSN के साथ टैक्स इनवॉइस बनाएँ; खरीदार ज़रूरत हो तो TDS डिडक्टर पंजीकरण लें और सप्लायर KYC रखें; दोनों हर महीने GST रिटर्न मिलाएँ। विस्तृत उदाहरण के लिए स्क्रैप पर GST गाइड देखें।
2. इनकम टैक्स: स्क्रैप पर TCS
इनकम टैक्स क़ानून में धारा 206C(1) के तहत स्क्रैप विक्रेताओं को खरीदार से TCS वसूलना होता रहा है, आम तौर पर 1%, कुछ छूट के साथ (जैसे निर्माण के लिए खरीद पर तय घोषणा)। प्रावधान हर साल के वित्त अधिनियम से बदलते हैं, इसलिए चालू वर्ष की स्थिति CA से पक्की करें।
3. ई-वे बिल और ढुलाई कागज़
सीमा से ज़्यादा मूल्य (आम तौर पर ₹50,000, राज्य के अंदर ढुलाई के राज्यवार नियमों के साथ) के माल के लिए ई-वे बिल ज़रूरी है। स्क्रैप का ई-वे बिल HSN, मात्रा और मूल्य में बिल से मेल खाए; मात्रा धर्म कांटे के वज़न पर हो। हर डिस्पैच के साथ गेट पास और चालान रखें।
4. ख़तरनाक और अन्य कचरा
ख़तरनाक और अन्य कचरा (प्रबंधन और सीमापार आवाजाही) नियम, 2016 ख़तरनाक कचरे के उत्पादन, भंडारण, ढुलाई, रीसाइक्लिंग और आयात को नियंत्रित करते हैं। स्क्रैप व्यवसायों के लिए आम बिंदु:
- इस्तेमाल हुआ तेल – जैसे ट्रांसफॉर्मर और हाइड्रोलिक तेल – केवल अधिकृत री-रिफ़ाइनर या रीसाइक्लर को।
- केमिकल, पेंट या प्रोसेस में इस्तेमाल हुए दूषित कंटेनर और अवशेष।
- नियमों की अनुसूची में दर्ज मेटल स्क्रैप और अन्य कचरे के आयात की शर्तें।
- तय सीमा से ऊपर ख़तरनाक कचरा पैदा, संग्रह या रीसाइकल करने वालों के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकार, रिकॉर्ड और वार्षिक रिटर्न।
विक्रेता ख़तरनाक माल कभी सामान्य स्क्रैप चैनल से न भेजें; इसे संभालने वाले खरीदार-रीसाइक्लर के पास ज़रूरी प्राधिकार हों।
5. ई-वेस्ट
1 अप्रैल 2023 से लागू ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल से चलने वाली विस्तारित उत्पादक ज़िम्मेदारी (EPR) व्यवस्था बनाई। उत्पादकों के रीसाइक्लिंग लक्ष्य हैं; निर्माता, उत्पादक, रिफ़र्बिशर और रीसाइक्लर पंजीकृत हों। बल्क कंज़्यूमर – बड़े संगठन, संस्थान और उद्योग – ई-वेस्ट केवल पंजीकृत उत्पादक, रिफ़र्बिशर या रीसाइक्लर को दें और रिकॉर्ड रखें। डेटा वाले उपकरण सर्टिफ़िकेट के साथ वाइप या नष्ट हों। देखें कंपनियों के लिए ई-वेस्ट निपटान।
6. बैटरी
बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 लेड-एसिड और लिथियम-आयन सहित सभी बैटरियों पर लागू हैं, उत्पादकों पर EPR और रीसाइक्लर-रिफ़र्बिशर के पंजीकरण के साथ। उपभोक्ता और बड़े उपयोगकर्ता पुरानी बैटरी उत्पादक के कलेक्शन सिस्टम या पंजीकृत रीसाइक्लर-रिफ़र्बिशर को लौटाएँ, अनौपचारिक भट्टियों को नहीं। देखें बैटरी स्क्रैप गाइड।
7. प्लास्टिक और पैकेजिंग
प्लास्टिक पैकेजिंग कचरा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (संशोधित) के तहत है, जिसमें उत्पादकों, आयातकों और ब्रांड पर EPR और प्लास्टिक प्रोसेसर के पंजीकरण की ज़रूरत है। फैक्ट्रियाँ प्लास्टिक स्क्रैप पंजीकृत प्रोसेसर को बेचें, ख़ासकर जब खरीदार को EPR रिकॉर्ड चाहिए।
8. स्क्रैप आयात और निर्यात
स्क्रैप आयात विदेश व्यापार नीति और ITC(HS), ख़तरनाक कचरा नियम और कस्टम क़ानून से नियंत्रित है। मेटल स्क्रैप आयात के लिए IEC, DGFT मान्य एजेंसी का प्री-शिपमेंट इंस्पेक्शन सर्टिफ़िकेट (PSIC), रेडिएशन जाँच और कस्टम क्लियरेंस ज़रूरी हैं। DGFT मान्य एजेंसियों की सूची अपडेट करता है, इसलिए अनुबंध से पहले जाँचें। निर्यात के लिए हर HS कोड की निर्यात नीति देखें। देखें भारत में स्क्रैप आयात और भारत से स्क्रैप निर्यात।
9. धर्म कांटा और नाप-तौल क़ानून
व्यापार में इस्तेमाल होने वाले तौल उपकरण, धर्म कांटे सहित, विधिक माप विज्ञान (लीगल मेट्रोलॉजी) अधिनियम, 2009 के तहत नियंत्रित हैं और तय अंतराल पर सत्यापित व मुहरबंद होने चाहिए। स्क्रैप में सत्यापित कांटे और कैलिब्रेटेड तराज़ू पर हिसाब, गाड़ी नंबर और समय वाली छपी पर्ची, और टेयर-ग्रॉस वज़न का रिकॉर्ड रखें। देखें धर्म कांटा गाइड।
10. प्रोसेसर के लिए प्रदूषण अनुमति
स्क्रैप प्रोसेस करने वाली यूनिटें – श्रेडर, पिघलाने वाली यूनिट, केबल ग्रेनुलेटर, बैटरी और ई-वेस्ट रीसाइक्लर – को आम तौर पर जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की अनुमति (CTE) और संचालन की अनुमति (CTO) चाहिए, कचरा नियमों के प्राधिकार के अलावा। केवल व्यापार करने वाले, बिना प्रोसेसिंग के, ट्रेडरों के दायित्व कम हैं, पर यार्ड पर स्थानीय नियम लागू हो सकते हैं।
11. वाहन स्क्रैपिंग
पुराने वाहन मोटर वाहन (पंजीकरण और वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के कार्य) नियम, 2021 के तहत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (RVSF) से स्क्रैप होते हैं, जो डिपॉल्यूशन और डिस्मेंटलिंग मानक मानती हैं और सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट देती हैं। वाहन स्क्रैप खरीदने वालों को RVSF से दस्तावेज़ी, डिपॉल्यूट माल मिलता है। व्यापक ढाँचे के लिए स्टील स्क्रैप रीसाइक्लिंग नीति, 2019 देखें।
12. चोरी का माल और स्रोत सत्यापन
स्क्रैप व्यापार में चोरी का माल – केबल, रेल, ट्रांसफॉर्मर, मैनहोल कवर – आ सकता है। आपराधिक क़ानून (1 जुलाई 2024 से IPC की जगह लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023) के तहत चोरी का माल लेना या रखना अपराध है। खरीदार विक्रेता की पहचान और GST पंजीकरण जाँचें, बिजली केबल और रेलवे सामग्री जैसे संवेदनशील आइटम के स्रोत कागज़ माँगें और संदिग्ध लॉट मना करें। विक्रेता केवल पंजीकृत, दस्तावेज़ी खरीदारों को बेचकर सुरक्षित रहते हैं।
13. डिस्मेंटलिंग में कार्यस्थल सुरक्षा
प्लांट डिस्मेंटलिंग में गैस कटिंग, ऊँचाई पर काम और भारी लिफ़्टिंग होती है। फैक्ट्री मालिक की अपने परिसर में होने वाले काम पर श्रम और सुरक्षा क़ानूनों के तहत ज़िम्मेदारी रहती है। मेथड स्टेटमेंट, हॉट वर्क परमिट, प्रमाणित लिफ़्टिंग उपकरण, PPE और बीमा वाले ठेकेदार चुनें। देखें प्लांट डिस्मेंटलिंग गाइड।
14. स्थानीय व्यापार लाइसेंस
नगर निकाय और राज्य स्क्रैप यार्ड व डीलरों के लिए व्यापार लाइसेंस या पंजीकरण माँग सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में भंडारण सीमित कर सकते हैं। ये ज़रूरतें बहुत अलग हैं, इसलिए यार्ड की जगह के स्थानीय नगर निकाय से जाँचें।
स्क्रैप विक्रेताओं की चेकलिस्ट
- केवल GST-पंजीकृत खरीदारों को बेचें और GSTIN जाँचें।
- सही HSN के साथ टैक्स इनवॉइस; ज़रूरत हो तो ई-वे बिल।
- GST TDS क्रेडिट देखें और TCS लागूता जाँचें।
- सत्यापित धर्म कांटे पर तौलें और पर्ची रखें।
- ई-वेस्ट, बैटरी, तेल और ख़तरनाक माल केवल पंजीकृत/अधिकृत संस्थाओं को, सर्टिफ़िकेट के साथ।
- आंतरिक मंज़ूरी और एसेट राइट-ऑफ़ प्रक्रिया अपनाएँ।
- डिस्मेंटलिंग के लिए सुरक्षित, बीमित ठेकेदार।
खरीदारों और रीसाइक्लरों की चेकलिस्ट
- ज़रूरत हो तो GST TDS पंजीकरण लें और अपंजीकृत से खरीद पर रिवर्स चार्ज संभालें।
- सप्लायर KYC और स्रोत कागज़ रखें, ख़ासकर संवेदनशील आइटम के लिए।
- अपनी प्रोसेसिंग के लिए ज़रूरी प्रदूषण अनुमति और कचरा प्राधिकार रखें।
- आयात में PSIC एजेंसी जाँचें और पूरे कस्टम रिकॉर्ड रखें।
- सत्यापित तौल उपकरण इस्तेमाल करें और सप्लायर से वज़न मिलाएँ।
- कचरा नियमों और EPR के तहत ज़रूरी रिटर्न और रिकॉर्ड दाखिल करें।
Kabadi24 अनुपालन में कैसे मदद करता है
Kabadi24 का हर सौदा दस्तावेज़ी है: HSN सहित GST बिल, ई-वे बिल, सत्यापित धर्म कांटा पर्ची और कंपनी खाते में भुगतान। संपर्क साझा करने से पहले पार्टियाँ सत्यापित होती हैं, और ई-वेस्ट, बैटरी, तेल व ख़तरनाक माल केवल पंजीकृत या अधिकृत संस्थाओं को सर्टिफ़िकेट के साथ भेजा जाता है। रामनगर, वाराणसी मुख्यालय की ट्रेड डेस्क कंटेनर सौदों के आयात कागज़ात और PSIC जाँच संभालती है।
निष्कर्ष
भारत में स्क्रैप अनुपालन टैक्स, पर्यावरण, व्यापार, नाप-तौल, प्रदूषण, सुरक्षा और आपराधिक क़ानून का मेल है। ज़्यादातर बात कुछ आदतों में सिमटती है: सत्यापित, पंजीकृत पार्टियों से सौदा; हर लॉट का दस्तावेज़; सत्यापित उपकरण पर तौल; और ख़तरनाक माल केवल अधिकृत संस्थाओं को। ये आदतें जुर्माने से बचाती हैं और उन बड़े खरीदार-विक्रेताओं का भरोसा दिलाती हैं जो अब साफ़, दस्तावेज़ी व्यापार पर ज़ोर देते हैं।