स्क्रैप बिक्री आसान दिखती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत में इसका टैक्स ढाँचा ज़्यादा विस्तृत हो गया है। फैक्ट्रियों, ठेकेदारों और संस्थानों को बिक्री पर GST, मेटल स्क्रैप के ख़ास रिवर्स चार्ज और TDS नियम, इनकम टैक्स का संभावित TCS, HSN वर्गीकरण और ई-वे बिल – सब देखना पड़ता है। गलती पर ब्याज, जुर्माना और खरीदार का इनपुट टैक्स क्रेडिट अटक सकता है।
ज़रूरी: यह लेख सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। GST और इनकम टैक्स नियम अक्सर बदलते हैं। अपने लेन-देन के लिए योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट से पुष्टि करें।
क्या स्क्रैप पर GST लगता है?
हाँ। GST में स्क्रैप "माल" है और व्यापार में इसकी बिक्री कर-योग्य सप्लाई है। इसमें उत्पादन स्क्रैप (कटिंग, टर्निंग, रिजेक्ट), बदली मशीनों का स्क्रैप, इमारत या प्लांट तोड़ने का स्क्रैप और कीमत पर बेचा गया पैकेजिंग कचरा शामिल है। पुराने कैपिटल एसेट को स्क्रैप के रूप में बेचने पर भी आम तौर पर GST देय है।
आम स्क्रैप पर GST रेट
| स्क्रैप | आम HSN | सामान्य GST रेट |
|---|---|---|
| लोहा और स्टील स्क्रैप | 7204 | 18% |
| तांबा स्क्रैप | 7404 | 18% |
| एल्युमिनियम स्क्रैप | 7602 | 18% |
| पीतल (कॉपर अलॉय) स्क्रैप | 7404 | 18% |
| सीसा (लेड) स्क्रैप | 7802 | 18% |
| जस्ता स्क्रैप | 7902 | 18% |
| स्टेनलेस स्टील स्क्रैप | 7204 | 18% |
| प्लास्टिक स्क्रैप | 3915 | 18% |
| कागज़ और गत्ता | 4707 | कम रेट; ताज़ा सूची देखें |
| ई-वेस्ट | आइटम के अनुसार | अलग-अलग |
रेट और वर्गीकरण मौजूदा GST रेट सूची से जाँचें।
अपंजीकृत से मेटल स्क्रैप पर रिवर्स चार्ज
मेटल स्क्रैप कारोबार में बहुत से छोटे, अपंजीकृत संग्राहक हैं। अनुपालन सुधारने के लिए 10 अक्टूबर 2024 से रिवर्स चार्ज मैकेनिज़्म (RCM) लागू हुआ।
मतलब: जब कोई अपंजीकृत व्यक्ति पंजीकृत व्यक्ति को मेटल स्क्रैप (टैरिफ़ के अध्याय 72 से 81) सप्लाई करता है, तो GST पंजीकृत खरीदार सीधे सरकार को रिवर्स चार्ज में भरता है।
खरीदार के लिए: अपंजीकृत संग्राहक से खरीदने वाले पंजीकृत व्यवसाय को सेल्फ़-इनवॉइस बनाकर RCM में GST भरना होगा और फिर शर्तों के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं।
पंजीकृत विक्रेता के लिए: आप सामान्य तरीके से अपने बिल पर GST लगाते हैं; RCM नियम अपंजीकृत सप्लायर पर लागू है।
B2B मेटल स्क्रैप पर 2% GST TDS
10 अक्टूबर 2024 से पंजीकृत खरीदारों को पंजीकृत सप्लायर से मेटल स्क्रैप लेने पर 2% GST TDS (1% CGST + 1% SGST, या 2% IGST) काटना होता है, जब एक अनुबंध में सप्लाई का मूल्य तय सीमा ₹2.5 लाख से ज़्यादा हो।
विक्रेता के लिए: खरीदार बिल राशि में से 2% TDS काटकर भुगतान करेगा। यह TDS आपके इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में दिखेगा, जिससे आप GST देनदारी चुका सकते हैं। हर महीने मिलान करें।
खरीदार के लिए: GST में TDS डिडक्टर के रूप में पंजीकरण, 2% कटौती, जमा और रिटर्न दाखिल करना ज़रूरी है।
इनकम टैक्स के तहत स्क्रैप पर TCS
GST से अलग, इनकम टैक्स कानून में स्क्रैप विक्रेताओं को धारा 206C(1) के तहत खरीदार से TCS वसूलना होता रहा है – आम तौर पर बिक्री मूल्य का 1%, कुछ छूट के साथ। इनकम टैक्स प्रावधान हर साल के वित्त अधिनियम से बदलते हैं। चालू वित्त वर्ष में आपकी स्क्रैप बिक्री पर TCS लागू है या नहीं, रेट क्या है और कौन-सी छूट (जैसे निर्माण में इस्तेमाल के लिए घोषणा) मिलती है – अपने CA से जानें।
स्क्रैप बिल पर HSN कोड
हर स्क्रैप का सही HSN कोड लिखें। मिक्स स्क्रैप के लिए एक ही सामान्य कोड विवाद पैदा कर सकता है। एक लॉट में कई ग्रेड हों तो अलग-अलग लाइन में HSN, मात्रा, रेट और टैक्स दिखाएँ।
ई-वे बिल
सीमा (आम तौर पर ₹50,000, राज्य के अंदर ढुलाई के लिए राज्यवार अंतर के साथ) से ज़्यादा मूल्य का माल सड़क से ले जाने पर ई-वे बिल ज़रूरी है। यह बिल से मेल खाए – वही HSN, मात्रा और मूल्य। मात्रा धर्म कांटे के वज़न पर हो, इसलिए हो सके तो बिल बनाने से पहले तौलें।
एक आसान उदाहरण (केवल समझाने के लिए)
एक पंजीकृत निर्माता 20 टन MS स्क्रैप पंजीकृत स्टील मिल को ₹32 प्रति किलो पर बेचता है।
- कर-योग्य मूल्य: 20,000 किलो × ₹32 = ₹6,40,000
- 18% GST: ₹1,15,200 (राज्य के अंदर CGST + SGST, बाहर IGST)
- बिल मूल्य: ₹7,55,200
सीमा से ऊपर B2B मेटल स्क्रैप होने से खरीदार कर-योग्य मूल्य पर 2% GST TDS = ₹12,800 काटता है। विक्रेता को बाकी राशि मिलती है और TDS क्रेडिट उसके कैश लेजर में आता है। उस साल TCS लागू हो तो विक्रेता लागू दर से TCS भी वसूल कर जमा करता है। रेट, सीमा और गणना आधार हर लेन-देन के लिए CA से पक्के करें।
विक्रेता के लिए अनुपालन चेकलिस्ट
- GST पोर्टल पर खरीदार का GSTIN जाँचें।
- माल तौलें और धर्म कांटा पर्ची लें।
- सही HSN, मात्रा और GST के साथ टैक्स इनवॉइस जारी करें।
- ज़रूरत हो तो ई-वे बिल बनाएँ।
- खरीदार 2% GST TDS काटे तो लेजर में दिखना पक्का करें।
- इनकम टैक्स TCS की लागूता देखें।
- ऑडिट के लिए सारे कागज़ रखें।
खरीदार के लिए अनुपालन चेकलिस्ट
- सीमा से ऊपर पंजीकृत सप्लायर से मेटल स्क्रैप खरीदते हैं तो GST TDS पंजीकरण लें।
- 2% TDS काटें, जमा करें और समय पर रिटर्न भरें।
- अपंजीकृत से खरीद पर सेल्फ़-इनवॉइस से रिवर्स चार्ज में GST भरें।
- सप्लायर का KYC रिकॉर्ड रखें।
- धर्म कांटा रिकॉर्ड को बिल से मिलाएँ।
हर स्क्रैप बिक्री के लिए रखने वाले कागज़
- खरीदार का परचेज़ ऑर्डर या लिखित स्वीकृति।
- HSN सहित टैक्स इनवॉइस।
- ई-वे बिल (जहाँ ज़रूरी)।
- धर्म कांटे की खाली व भरे ट्रक की पर्ची।
- गेट पास और चालान।
- भुगतान पुष्टि और TDS/TCS रिकॉर्ड।
- कैपिटल एसेट के लिए डिस्पोज़ल मंज़ूरी और राइट-ऑफ़ एंट्री।
आम गलतियाँ
- स्क्रैप बिक्री को बिना GST "अन्य आय" मानना।
- गलत HSN कोड।
- लेजर में GST TDS क्रेडिट को अनदेखा करना।
- बिना ई-वे बिल ढुलाई।
- रद्द या अमान्य GSTIN वाले खरीदार से सौदा।
Kabadi24 टैक्स और कागज़ात कैसे संभालता है
Kabadi24 पर हर सौदा दस्तावेज़ के साथ होता है। हम GST विवरण जाँचते हैं, प्रमाणित धर्म कांटे पर तौलते हैं, HSN सहित सही टैक्स इनवॉइस देते-लेते हैं, जहाँ लागू हो GST TDS और रिवर्स चार्ज का पालन करते हैं और ई-वे बिल बनाते हैं। रामनगर, वाराणसी मुख्य कार्यालय की अकाउंट्स टीम आपकी फ़ाइनेंस टीम के साथ मिलान में मदद कर सकती है।
निष्कर्ष
स्क्रैप पर GST अब सिर्फ़ 18% का बिल नहीं है। अपंजीकृत सप्लायर पर रिवर्स चार्ज, B2B मेटल स्क्रैप पर 2% GST TDS और संभावित TCS – सब पर ध्यान चाहिए। सही HSN, धर्म कांटा आधारित बिल, ई-वे बिल और नियम समझने वाला खरीदार हो तो स्क्रैप बिक्री साफ़ और ऑडिट-योग्य रहती है।