तांबा किसी भी इंडस्ट्रियल स्क्रैप लॉट की सबसे कीमती आम धातु है। कुछ सौ किलो तांबा कई टन लोहे से ज़्यादा कीमत का हो सकता है। इसी वजह से सबसे ज़्यादा नुकसान भी तांबे में होता है: गलत ग्रेडिंग, छिपी कटौती और लापरवाह तौल से फैक्ट्री को साल भर में लाखों का घाटा हो सकता है। यह गाइड बताती है कि भारत में तांबा स्क्रैप का भाव कैसे बनता है, हर ग्रेड का मतलब क्या है, और वाराणसी व पूर्वांचल के उद्योग तांबे का पूरा दाम कैसे पाएँ।
भारत में तांबा स्क्रैप का भाव कैसे तय होता है
खरीदार रिफ़ाइंड तांबे के भाव से पीछे की ओर हिसाब लगाते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क: लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबे का कैश भाव, डॉलर प्रति टन में।
- घरेलू बेंचमार्क: MCX कॉपर वायदा, जिसमें LME, आयात शुल्क और रुपया-डॉलर दर शामिल हैं।
- ग्रेड छूट: किसी स्क्रैप ग्रेड के लिए रिफ़ाइनर या वायर-रॉड मिल रिफ़ाइंड तांबे से कितना कम देगी – शुद्धता और प्रोसेसिंग खर्च के हिसाब से।
- स्थानीय खर्च: भाड़ा, हैंडलिंग, मार्जिन और खरीदार की पूँजी लागत।
इस कड़ी की वजह से तांबे का भाव एक ही दिन में कई रुपये प्रति किलो बदल सकता है। रुपया कमज़ोर हो तो घरेलू तांबा आम तौर पर महँगा होता है, भले LME न बदले।
ग्रेड के हिसाब से तांबा स्क्रैप के अनुमानित रेट
अक्टूबर 2026 के इंडस्ट्रियल लॉट के अनुमानित दायरे (लाइव भाव नहीं):
| ग्रेड | विवरण | अनुमानित ₹/किलो |
|---|---|---|
| ब्राइट / Barley | साफ़, बिना कोटिंग, बिना अलॉय का वायर, ऑक्सीकरण नहीं | 620 – 660 |
| नंबर 1 वायर व सॉलिड / Berry, Candy | साफ़ वायर, बस बार, कटिंग; हल्का ऑक्सीकरण चलता है | 590 – 630 |
| आर्मेचर / वाइंडिंग | मोटर और ट्रांसफॉर्मर की इनेमल वाइंडिंग वायर | 560 – 600 |
| नंबर 2 / Birch, Cliff | ऑक्सीकरण, कोटिंग या सोल्डर वाला तांबा | 520 – 570 |
| जला तांबा | इंसुलेशन जलाकर निकाला वायर (सलाह नहीं) | 480 – 530 |
| टिन चढ़ा तांबा | टिन कोटिंग वाला तांबा | नंबर 2 से कम |
| इंसुलेटेड केबल | PVC/XLPE पावर या कंट्रोल केबल | रिकवरी % के आधार पर |
Barley, Berry, Birch, Candy और Cliff जैसे नाम ISRI कोड हैं, जो दुनिया भर में इस्तेमाल होते हैं। भारतीय खरीदार "सुपर डी", "कच्चा" और "पक्का" तांबा जैसे स्थानीय शब्द भी बोलते हैं, इसलिए अपने माल का साफ़ विवरण दें।
इंडस्ट्रियल यूनिट में तांबा स्क्रैप कहाँ से निकलता है
- इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस: पुरानी केबल, बस बार, अर्थिंग स्ट्रिप, स्विचगियर कॉन्टैक्ट।
- मोटर और पंप: स्टेटर और रोटर की तांबे की वाइंडिंग।
- ट्रांसफॉर्मर: तांबा या एल्युमिनियम वाइंडिंग।
- HVAC: कंडेंसर और चिलर की तांबे की ट्यूब।
- फैब्रिकेशन स्टोर: तांबे के पाइप, फिटिंग और कटिंग।
- बिजली प्रोजेक्ट: केबल ड्रम के बचे टुकड़े और हटाई गई लाइनें।
हर स्रोत अलग ग्रेड देता है, इसलिए सब एक ढेर में डालने से सबसे अच्छे माल की कीमत गिर जाती है।
तांबे का बेहतर रेट पाने के सात तरीके
1. तांबे को बाकी सबसे अलग करें
लोहे, एल्युमिनियम, प्लास्टिक या पीतल से जुड़ा तांबा मिक्स आइटम माना जाता है। मोटर बॉडी से वाइंडिंग निकालना, इंसुलेशन उतारना और तांबे की ट्यूब से पीतल की फिटिंग अलग करना कमाई काफ़ी बढ़ाता है।
2. केबल का इंसुलेशन न जलाएँ
जलाने से ग्रेड "जला तांबा" बन जाता है, ऑक्सीकरण होता है, और ज़हरीले धुएँ के कारण कई जगह यह गैरकानूनी है। मशीन से छीलना या रिकवरी आधार पर बेचना दाम और नियम दोनों के लिए बेहतर है।
3. हर ग्रेड अलग बोरी या डिब्बे में रखें
ब्राइट तांबा, इनेमल वाइंडिंग और मिक्स तांबा अलग रखें ताकि हर ग्रेड का सही रेट मिले।
4. तांबा सूखा और साफ़ रखें
तेल, ग्रीस, मिट्टी और नमी पर कटौती होती है। ढका हुआ स्टोर अपनी कीमत खुद वसूल लेता है।
5. प्रमाणित धर्म कांटे या कैलिब्रेटेड तराज़ू पर तौलें
महँगे तांबे में हर किलो मायने रखता है। ट्रक लॉट के लिए सरकारी प्रमाणित धर्म कांटा; छोटे लॉट के लिए हाल ही में कैलिब्रेट हुआ प्लेटफ़ॉर्म तराज़ू, जिसकी रीडिंग दोनों पक्ष देख सकें।
6. रेट को बेंचमार्क से जोड़ें
नियमित विक्रेताओं के लिए MCX कॉपर से जुड़ा रेट (जैसे हर ग्रेड के लिए MCX माइनस तय छूट) हर बार नया मोलभाव करने से ज़्यादा निष्पक्ष होता है।
7. लिखित कोटेशन की तुलना करें
बड़े लॉट के लिए दो-तीन खरीदारों से लोडिंग, ट्रांसपोर्ट, भुगतान और कागज़ात की शर्तों सहित लिखित ग्रेड-वार कोटेशन लें।
तांबा केबल स्क्रैप: रिकवरी का हिसाब
इंसुलेटेड केबल प्रति किलो केबल नहीं, बल्कि उसमें मौजूद तांबे के हिसाब से बिकती है। अगर केबल में वज़न के हिसाब से 60% तांबा है, तो उसकी कीमत संबंधित तांबा ग्रेड के भाव का लगभग 60% होगी, प्रोसेसिंग खर्च घटाकर। रिकवरी इन पर निर्भर है:
- कंडक्टर का साइज़ (मोटा कंडक्टर = ज़्यादा तांबा)।
- इंसुलेशन का प्रकार और मोटाई (PVC, XLPE, रबर)।
- आर्मर (स्टील आर्मर से तांबे का प्रतिशत घटता है)।
- कोर की संख्या।
खरीदार आम तौर पर सैंपल काटकर, छीलकर और तौलकर रिकवरी तय करते हैं। सैंपल टेस्ट अपने सामने करवाएँ।
ट्रांसफॉर्मर और मोटर में तांबा
पुराने ट्रांसफॉर्मर और मोटर में कीमती तांबा होता है, साथ में स्टील लेमिनेशन, तेल और इंसुलेशन भी। खरीदार इन्हें पूरी यूनिट या खोलकर अलग-अलग भाव पर लेते हैं। बड़े ट्रांसफॉर्मर को सही यार्ड में खोलना बेहतर है। ट्रांसफॉर्मर ऑयल को ख़तरनाक कचरा नियमों के तहत संभालना ज़रूरी है।
एक उदाहरण
रामनगर के एक मेंटेनेंस विभाग के पास 400 किलो तांबे से जुड़ा स्क्रैप है: 150 किलो ब्राइट केबल कोर, 120 किलो इनेमल वाइंडिंग और 130 किलो मोटर स्टेटर जिनमें वाइंडिंग अभी लगी है। मिक्स लॉट में खरीदार तांबे वाले हिस्से पर "मिक्स तांबा" रेट और बाकी पर लोहे का रेट देगा, भारी कटौती के साथ। अलग करने पर ब्राइट तांबे को सबसे ऊँचा रेट, वाइंडिंग को आर्मेचर रेट और स्टेटर को पूरी यूनिट या खोलकर रेट मिलता है। इतने लॉट पर केवल छँटाई से हज़ारों रुपये का फ़र्क पड़ सकता है।
तांबा स्क्रैप पर GST, TDS और कागज़ात
व्यवसायों के बीच मेटल स्क्रैप की बिक्री पर GST लगता है, और अक्टूबर 2024 से मेटल स्क्रैप पर रिवर्स चार्ज और TDS के ख़ास नियम लागू हैं। इनकम टैक्स के तहत TCS भी लागू हो सकता है। ये नियम बदलते रहते हैं, इसलिए अपने CA से पुष्टि करें। हर लॉट के साथ सही GST बिल, ज़रूरत हो तो ई-वे बिल और कांटा पर्ची रखें।
वाराणसी के विक्रेताओं की आम गलतियाँ
- तांबे को लोहे के साथ एक "मिक्स स्क्रैप" लॉट में बेचना।
- लिखित ग्रेड-वार कोटेशन के बिना फ़ोन पर रेट मान लेना।
- बिना जाँचे हाथ के तराज़ू पर तांबा तौलने देना।
- "दाम बढ़ाने" के लिए केबल जलाना।
- खुले यार्ड में तांबा रखना, जहाँ चोरी आसान है।
Kabadi24 तांबा स्क्रैप कैसे लेता है
चंदौली के रामनगर मुख्य कार्यालय से हमारी टीम साइट पर तांबे को ISRI के हिसाब से (Barley, Berry/Candy, Birch/Cliff) छाँटती है और हर ग्रेड का अलग रेट देती है। केबल के लिए आपके सामने सैंपल टेस्ट से रिकवरी तय होती है। बड़े लॉट प्रमाणित धर्म कांटे पर तौले जाते हैं और हर खरीद GST बिल व कांटा पर्ची के साथ होती है। पूरे भारत के विक्रेता Kabadi24 मार्केटप्लेस पर तांबा स्क्रैप की मुफ़्त लिस्टिंग डाल सकते हैं।
निष्कर्ष
तांबा स्क्रैप तैयारी का इनाम देता है। जो विक्रेता ग्रेड समझते हैं, तांबे को बाकी से अलग करते हैं और पारदर्शी तौल पर ज़ोर देते हैं, वे फ़ोन पर मिक्स लॉट बेचने वालों से कहीं ज़्यादा कमाते हैं।