तांबे के बाद ज़्यादातर इंडस्ट्रियल स्क्रैप लॉट की सबसे कीमती धातु एल्युमिनियम है। यह हर जगह मिलता है: खिड़की-दरवाज़े के सेक्शन, मशीन हाउसिंग, रेडिएटर, केबल, बर्तन-ग्रेड शीट, डाई-कास्ट पार्ट्स और पैकेजिंग। हल्का होने के कारण विक्रेता अक्सर इसकी कीमत कम आँकते हैं। यह गाइड बताती है कि भारत में एल्युमिनियम स्क्रैप की ग्रेडिंग और भाव कैसे होते हैं।
एल्युमिनियम स्क्रैप का भाव कैसे तय होता है
- LME एल्युमिनियम अंतरराष्ट्रीय संदर्भ तय करता है।
- देश का प्राइमरी एल्युमिनियम और सेकेंडरी इंगट भाव (और MCX) इसे रुपये में बदलता है।
- ग्रेड छूट – अलॉय, सफ़ाई, कोटिंग और पिघलने में अनुमानित नुकसान।
- स्थानीय खर्च – भाड़ा, हैंडलिंग और मार्जिन।
सेकेंडरी एल्युमिनियम स्मेल्टर और डाई-कास्टिंग यूनिट मुख्य खरीदार हैं; इनकी माँग ऑटोमोबाइल, निर्माण और इलेक्ट्रिकल सेक्टर के साथ चलती है।
एल्युमिनियम स्क्रैप के मुख्य ग्रेड
सेक्शन / एक्सट्रूज़न स्क्रैप (6063)
खिड़की-दरवाज़े के सेक्शन और कटे टुकड़े। साफ़, बिना पेंट का 6063 सेक्शन सबसे कीमती ग्रेड में से है। एनोडाइज़्ड लगभग उतना ही; पेंट या पाउडर कोटेड पर कटौती।
वायर और केबल स्क्रैप
बिजली लाइन का नंगा EC-ग्रेड एल्युमिनियम कंडक्टर बहुत शुद्ध और अच्छे भाव वाला है। इंसुलेटेड केबल रिकवरी पर बिकती है।
शीट स्क्रैप
बर्तन-ग्रेड शीट और कटिंग। साफ़ शीट मध्यम-से-ऊँचे भाव पर।
कास्ट एल्युमिनियम
इंजन पार्ट्स, पंप बॉडी, मोटर हाउसिंग और डाई-कास्ट। इसमें सिलिकॉन आदि होते हैं, इसलिए रॉट ग्रेड से कम भाव।
UBC, रेडिएटर, टर्निंग और ड्रॉस
UBC (इस्तेमाल हुए कैन) पैकेजिंग से आते हैं। रेडिएटर में अक्सर तांबे की ट्यूब होती है। टर्निंग और फर्नेस ड्रॉस की रिकवरी कम होती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ISRI नाम चलते हैं: Tense (साफ़ मिक्स कास्टिंग), Taint/Tabor (साफ़ मिक्स पुरानी शीट) और Zorba (श्रेडेड मिक्स नॉन-फेरस, ज़्यादातर एल्युमिनियम)।
एल्युमिनियम स्क्रैप के अनुमानित रेट (अक्टूबर 2026)
| ग्रेड | अनुमानित ₹/किलो |
|---|---|
| साफ़ 6063 सेक्शन (बिना पेंट) | 175 – 190 |
| पेंट / पाउडर कोटेड सेक्शन | 155 – 170 |
| नंगा एल्युमिनियम वायर (EC ग्रेड) | 175 – 190 |
| साफ़ शीट / बर्तन ग्रेड | 160 – 175 |
| कास्ट एल्युमिनियम | 140 – 155 |
| जुड़ी चीज़ों वाला मिक्स | 120 – 140 |
| टर्निंग / छीलन | लॉट देखकर |
मिलाने से एल्युमिनियम का भाव क्यों गिरता है
अलग अलॉय फर्नेस में अलग व्यवहार करते हैं। 6063 जैसे रॉट अलॉय दोबारा ऊँची क़ीमत वाले काम में जा सकते हैं, जबकि कास्ट अलॉय सस्ती कास्टिंग में। मिक्स लॉट पर खरीदार या तो सबसे निचला भाव लगाएगा या छँटाई का खर्च जोड़ेगा – दोनों तरह नुकसान विक्रेता का।
एल्युमिनियम स्क्रैप ज़्यादा भाव पर बेचने के कदम
- कास्ट को रॉट से अलग करें। सेक्शन, शीट और वायर को कास्टिंग से अलग रखें।
- लोहा निकालें। स्क्रू, रिवेट, ब्रैकेट हटाएँ। छँटाई में चुंबक सबसे अच्छा औज़ार है।
- रबर, प्लास्टिक और काँच हटाएँ।
- पेंट वाला और बिना पेंट का अलग रखें।
- सूखा और साफ़ रखें।
- सुरक्षित रखें। हल्का होने से एल्युमिनियम आसानी से चोरी होता है।
इलेक्ट्रिकल उपकरणों में एल्युमिनियम
कई ट्रांसफॉर्मर, मोटर और केबल में तांबे की जगह एल्युमिनियम होता है। एक ही साइज़ का एल्युमिनियम-वाइंडिंग ट्रांसफॉर्मर तांबे वाले से कम कीमत का होता है, इसलिए सही पहचान से बाद की परेशानी नहीं होती।
एक उदाहरण
वाराणसी का एक ठेकेदार अस्पताल प्रोजेक्ट पर पुरानी एल्युमिनियम खिड़कियाँ बदलता है और 1.2 टन माल इकट्ठा करता है। काँच, रबर, लोहे के स्क्रू और पेंट वाले फ़्रेम सहित "जैसा है" बेचने पर मिक्स रेट और भारी कटौती मिलती है। काँच और रबर हटाकर, चुंबक से लोहे के फ़ास्टनर निकालकर और बिना पेंट के एनोडाइज़्ड सेक्शन को पेंट वाले से अलग करने पर दो साफ़ ग्रेड बनते हैं। 1.2 टन पर मिक्स से सेक्शन रेट तक जाना एक-दो दिन की मेहनत में ₹30,000 से ज़्यादा जोड़ सकता है।
पूर्वांचल में एल्युमिनियम स्क्रैप के स्रोत
फैब्रिकेशन और ग्लेज़िंग ठेकेदार सेक्शन कटिंग देते हैं, बिजली प्रोजेक्ट कंडक्टर और केबल, पंप-मोटर वर्कशॉप कास्ट हाउसिंग, और फूड, फ़ार्मा व पैकेजिंग यूनिट शीट व फ़ॉयल। सोनभद्र का औद्योगिक क्षेत्र, जहाँ बड़े एल्युमिनियम और बिजली प्लांट हैं, ख़ास स्क्रैप भी देता है जिसे अनुभवी हैंडलिंग चाहिए।
कब बेचें
एल्युमिनियम हल्का है और जगह ज़्यादा घेरता है। हर महीने या तिमाही, ग्रेड छाँटकर बेचना आम तौर पर बेहतर औसत भाव देता है और जगह खाली करता है।
कागज़ात और टैक्स
मेटल स्क्रैप होने के नाते एल्युमिनियम की B2B बिक्री पर GST लगता है, और अक्टूबर 2024 के मेटल स्क्रैप नियम (अपंजीकृत से खरीद पर रिवर्स चार्ज और B2B पर TDS) लागू हैं। TCS भी लागू हो सकता है। अपने CA से पुष्टि करें और हर लॉट के साथ सही बिल और ई-वे बिल रखें।
Kabadi24 एल्युमिनियम स्क्रैप कैसे संभालता है
Kabadi24 वाराणसी या पूर्वांचल में आपकी फैक्ट्री पर एल्युमिनियम को सेक्शन, शीट, वायर, कास्टिंग और मिक्स में छाँटता है और हर ग्रेड का लिखित रेट देता है। लोडिंग, ट्रांसपोर्ट और धर्म कांटा तौल हमारी ज़िम्मेदारी, और हर सौदा GST बिल के साथ। पूरे भारत के विक्रेता और स्मेल्टर Kabadi24 मार्केटप्लेस पर लिस्टिंग डाल सकते हैं।
निष्कर्ष
एल्युमिनियम स्क्रैप तभी कीमती है जब उसकी ग्रेडिंग सही हो। कास्ट को रॉट से अलग करें, लोहा और नॉन-मेटल हटाएँ और ग्रेड-वार लिखित रेट माँगें। ये आसान कदम प्रति किलो दसियों रुपये जोड़ सकते हैं।