फैक्ट्री अपग्रेड, बिजली नेटवर्क बदलाव और प्लांट बंद होने पर पुराने ट्रांसफॉर्मर निकलते हैं। हर यूनिट में कीमती धातु है, पर सावधानी से संभालने वाला तेल भी। विक्रेता अक्सर नहीं जानते कि उनके ट्रांसफॉर्मर में तांबा है या एल्युमिनियम, या हर हिस्से की कीमत क्या है।
ट्रांसफॉर्मर के अंदर क्या है
- वाइंडिंग: तांबा या एल्युमिनियम कंडक्टर, कागज़ या इनेमल इंसुलेशन।
- कोर: CRGO (कोल्ड-रोल्ड ग्रेन-ओरिएंटेड) सिलिकॉन स्टील लेमिनेशन।
- टैंक और रेडिएटर: माइल्ड स्टील।
- ट्रांसफॉर्मर ऑयल: मिनरल इंसुलेटिंग ऑयल।
- बुशिंग, टैप चेंजर, फ़िटिंग: पोर्सिलेन, पीतल, तांबा और स्टील।
- इंसुलेशन: प्रेसबोर्ड और कागज़।
ड्राई-टाइप ट्रांसफॉर्मर में तेल नहीं, रेज़िन जैसा इंसुलेशन होता है।
तांबा बनाम एल्युमिनियम वाइंडिंग
यही कीमत का सबसे बड़ा कारक है। तांबा प्रति किलो एल्युमिनियम से कई गुना महँगा है। पता करने के तरीके: नेमप्लेट, खरीद रिकॉर्ड और स्पेसिफिकेशन, बुशिंग कनेक्शन या इंस्पेक्शन कवर से देखना, और वज़न (उसी रेटिंग में तांबा-वाइंडिंग यूनिट आम तौर पर भारी)। पता न चले तो खरीदार यूनिट खुलने तक सावधानी से कम भाव लगा सकता है।
मूल्यांकन के तरीके
पूरी यूनिट का भाव
रेटिंग, वाइंडिंग मेटल और हालत के आधार पर प्रति यूनिट या कुल वज़न प्रति किलो। तेज़ और आसान, पर कम पारदर्शी।
कंपोनेंट-वार भाव
ट्रांसफॉर्मर खोलकर हर हिस्सा अलग तौला और आँका जाता है: तांबा या एल्युमिनियम वाइंडिंग, CRGO कोर, MS टैंक, तेल, पीतल और अन्य धातु। बड़ी यूनिट के लिए ज़्यादा पारदर्शी।
रीसेल या रिफ़र्बिशमेंट
चालू या मरम्मत योग्य ट्रांसफॉर्मर रिफ़र्बिशर या दूसरे उपयोगकर्ता को स्क्रैप से ज़्यादा में बिक सकते हैं। टेस्ट रिपोर्ट और हालत पहले देखें।
ट्रांसफॉर्मर ऑयल
- इस्तेमाल हुआ तेल ख़तरनाक और अन्य कचरा नियमों के तहत अधिकृत री-रिफ़ाइनर या रीसाइक्लर को ही जाए।
- PCB (पॉलीक्लोरिनेटेड बाइफ़िनाइल): पुराने ट्रांसफॉर्मर – ख़ासकर 1990 के दशक से पहले बने या पुराने तेल से भरे – में PCB-दूषित तेल हो सकता है। PCB लंबे समय तक रहने वाले प्रदूषक हैं और इनके सख़्त नियम हैं। पुरानी यूनिट में टेस्ट करवाएँ।
- रिसाव नियंत्रण: अभेद्य सतह पर सील ड्रम में तेल निकालें।
तेल अनौपचारिक खरीदार को न बेचें, न फेंकने दें।
हटाने से पहले सुरक्षा
ट्रांसफॉर्मर को आइसोलेट और अर्थ करें, सही प्रक्रिया से डी-एनर्जाइज़ेशन पक्का करें; भारी और ऊपर से भारी होने के कारण प्रमाणित क्रेन और रिगिंग के साथ लिफ़्टिंग प्लान; संभव हो तो ढुलाई से पहले तेल निकालें; और साइट के इलेक्ट्रिकल सुरक्षा परमिट का पालन।
बेचने की प्रक्रिया
- विवरण: रेटिंग (kVA), वोल्टेज, मेक, साल, वाइंडिंग मेटल, हालत, वज़न।
- रीसेल बनाम स्क्रैप तय करें।
- कोटेशन: पूरी यूनिट और कंपोनेंट-वार दोनों।
- तेल टेस्ट: पुरानी यूनिट में PCB।
- शर्तें: भाव आधार, तेल निपटान, लिफ़्टिंग, ट्रांसपोर्ट, भुगतान, कागज़ात।
- उठान और तौल: प्रमाणित धर्म कांटे पर; कंपोनेंट-वार में डिस्मेंटलिंग और तौल अपने सामने।
- कागज़ात: GST बिल, ई-वे बिल, तेल निपटान सर्टिफ़िकेट।
एक उदाहरण: दो ट्रांसफॉर्मर, बहुत अलग कीमत
भदोही की एक टेक्सटाइल यूनिट दो पुराने 630 kVA ट्रांसफॉर्मर बदलती है। बाहर से एक जैसे, पर रिकॉर्ड बताता है कि एक में तांबा और दूसरे में एल्युमिनियम वाइंडिंग है। मालिक कंपोनेंट-वार कोटेशन लेता है। तेल ड्रम में निकालकर खरीदार के यार्ड में मालिक के इलेक्ट्रीशियन की मौजूदगी में खोलने पर दोनों से CRGO कोर, MS टैंक और रेडिएटर, वाइंडिंग मेटल, बुशिंग का पीतल-तांबा निकलता है और तेल अधिकृत री-रिफ़ाइनर को जाता है। तांबा-वाइंडिंग यूनिट काफ़ी ज़्यादा कीमती निकलती है। दोनों एक "ट्रांसफॉर्मर रेट" पर बिकते तो तांबे वाली यूनिट की बड़ी कीमत छूट जाती।
खरीदार से पूछें
- वाइंडिंग मेटल कैसे पक्का करेंगे?
- डिस्मेंटलिंग कहाँ होगी, क्या हम देख सकते हैं?
- तेल कौन संभालेगा, कौन-सा री-रिफ़ाइनर?
- CRGO, टैंक स्टील और वाइंडिंग का भाव आधार क्या?
- कौन-से कागज़ात देंगे?
बिजली कंपनियाँ और सरकारी निपटान
डिस्कॉम और सरकारी संस्थाएँ अक्सर टेंडर या ई-नीलामी से ट्रांसफॉर्मर बेचती हैं; खरीदार को तेल, डिस्मेंटलिंग और कागज़ात की शर्तें माननी होती हैं। निजी फैक्ट्रियों के पास ज़्यादा लचीलापन है, पर अच्छी प्रथाएँ अपनाएँ।
आम गलतियाँ
तांबा-वाइंडिंग को एल्युमिनियम रेट पर बेचना, तेल मिट्टी पर निकालना, पुरानी यूनिट में PCB की अनदेखी, चालू ट्रांसफॉर्मर स्क्रैप करना, और कंपोनेंट-वार सौदे में डिस्मेंटलिंग न देखना।
कागज़ात और टैक्स
ट्रांसफॉर्मर स्क्रैप GST में मेटल स्क्रैप है, इसलिए पार्टी और मूल्य के हिसाब से अक्टूबर 2024 के रिवर्स चार्ज और 2% TDS नियम लागू हो सकते हैं। तेल निपटान का अलग रिकॉर्ड चाहिए। कैपिटल एसेट राइट-ऑफ़ और पहले लिए ITC पर CA से सलाह लें।
Kabadi24 ट्रांसफॉर्मर कैसे संभालता है
Kabadi24 मार्केटप्लेस के ज़रिए पूरे भारत की फैक्ट्रियों, ठेकेदारों और संस्थानों से डिस्ट्रीब्यूशन और पावर ट्रांसफॉर्मर खरीदता है; वाराणसी, पूर्वांचल और गुरुग्राम में ज़मीनी टीम है। हम वाइंडिंग मेटल पहचानते हैं, पूरी यूनिट या कंपोनेंट-वार कोटेशन देते हैं, सुरक्षित लिफ़्टिंग करते हैं, तेल केवल अधिकृत री-रिफ़ाइनर को भेजते हैं और प्रमाणित धर्म कांटे पर तौलते हैं। चालू यूनिट स्क्रैप से पहले रीसेल खरीदारों के लिए लिस्ट हो सकती हैं।
निष्कर्ष
पुराने ट्रांसफॉर्मर कीमती स्क्रैप हैं, पर कीमत वाइंडिंग मेटल और सावधान डिस्मेंटलिंग पर निर्भर है। तांबा या एल्युमिनियम पहचानें, रीसेल पर विचार करें, तेल ज़िम्मेदारी से संभालें और बड़ी यूनिट के लिए कंपोनेंट-वार भाव लें।